Lado Protsahan Yojana 2025 : राजस्थान में बेटी पैदा होते ही मिलेंगे 7 बार पैसे! जानिए ‘लाड़ो प्रोत्साहन योजना’ के फायदे

Lado Protsahan Yojana : राजस्थान में बेटियों के जन्म को बढ़ावा देने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए एक शानदार पहल की गई है। राज्य की महिला सशक्तिकरण विभाग ने 1 अगस्त 2024 को ‘लाड़ो प्रोत्साहन योजना’ (Laado Protsahan Yojana) की शुरुआत की है, जो खास तौर पर गरीब परिवारों की बच्चियों के लिए बनाई गई है।

इस योजना का उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना और उन्हें जीवन के हर पड़ाव पर आर्थिक सहयोग देना है, ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ सकें।

Table of Contents

क्या है लाड़ो प्रोत्साहन योजना?

‘लाड़ो प्रोत्साहन योजना’ के तहत, गरीब परिवारों में जन्मी बेटियों के माता-पिता या अभिभावकों को सात किस्तों में वित्तीय सहायता दी जाती है। यह मदद बच्ची के जीवन के विभिन्न चरणों में दी जाती है – जैसे कि जन्म, टीकाकरण, स्कूल में दाखिला, और माध्यमिक शिक्षा पूरी करने तक।

योजना के मुख्य बिंदु:

  • योजना की शुरुआत: 1 अगस्त 2024
  • विभाग: महिला सशक्तिकरण विभाग, राजस्थान सरकार
  • लाभार्थी: गरीब परिवारों की बेटियां
  • सहायता राशि: 7 किस्तों में आर्थिक मदद
  • उद्देश्य: बेटियों के जन्म को बढ़ावा देना और उनका समग्र विकास सुनिश्चित करना

💡 योजना का मुख्य उद्देश्य

  • लिंगानुपात में सुधार लाना
  • कन्या भ्रूण हत्या रोकना
  • बेटियों की शिक्षा और परवरिश में मदद करना
  • बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकना
  • महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना

💸 बेटी के जन्म पर मिलेंगे ₹1.5 लाख – जानिए कब-कब और कैसे मिलेगा पैसा

राजस्थान सरकार की ओर से शुरू की गई ‘लाड़ो प्रोत्साहन योजना’ अब गरीब परिवारों की बेटियों के लिए वरदान बन रही है। महिला सशक्तिकरण विभाग द्वारा 1 अगस्त 2024 को लॉन्च की गई इस योजना का मकसद बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखना है।

इस योजना के तहत कुल ₹1,50,000 की आर्थिक मदद सात चरणों में दी जाएगी। आइए जानते हैं कब-कब और कितनी राशि मिलेगी, और कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ।

किस्तमौका/शर्तराशि (₹)
1योग्य सरकारी/प्राइवेट अस्पताल में बेटी का जन्म₹2,500
2बेटी एक साल की हो जाए और सभी टीकाकरण पूरे हो जाएं₹2,500
3बेटी का एडमिशन पहली कक्षा में हो (सरकारी/मान्यता प्राप्त स्कूल)₹4,000
4बेटी का एडमिशन छठी कक्षा में₹5,000
5बेटी का एडमिशन 10वीं कक्षा में₹11,000
6बेटी का एडमिशन 12वीं कक्षा में₹25,000
7बेटी ग्रेजुएशन पास करे और 21 साल की हो जाए₹1,00,000
👉 कुल राशि: ₹1,50,000 सीधे बैंक खाते में DBT के ज़रिए

📲 पैसे कैसे मिलेंगे? (DBT के ज़रिए पूरा भुगतान)

  • बेटी के जन्म के समय सरकार की ओर से ₹1.5 लाख का कमिटमेंट लेटर जारी किया जाएगा।
  • सभी 7 किस्तें सीधे बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएंगी – जिसे Direct Benefit Transfer (DBT) कहा जाता है।
  • पहली छह किस्तें बेटी के माता-पिता या अभिभावक के खाते में जाएंगी।
  • सातवीं और सबसे बड़ी किस्त ₹1,00,000 सीधे बेटी के नाम के खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जब वह ग्रेजुएशन पास कर ले और 21 साल की हो जाए।

📌 योजना से जुड़ी जरूरी बातें

  • अगर किसी कारणवश किसी एक किस्त का फायदा नहीं लिया जा सका, तब भी आगे की किस्तें ली जा सकती हैं, बशर्ते उचित कारण दिया जाए।
  • तीसरी किस्त से आगे कोई संख्या सीमा नहीं है, यानी एक ही परिवार की कई बेटियां इस योजना का पूरा लाभ ले सकती हैं।
  • राजश्री योजना अब ‘लाड़ो प्रोत्साहन योजना’ में मर्ज कर दी गई है। जो किश्तें राजश्री योजना में मिलनी थीं, वे अब लाड़ो योजना के तहत दी जाएंगी।

✅ कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)

इस योजना का लाभ उठाने के लिए इन शर्तों को पूरा करना जरूरी है:

  • 👩‍👧‍👦 आवेदक राजस्थान का स्थायी निवासी होना चाहिए
  • 👶 लाभार्थी बालिका का जन्म राजस्थान में हुआ हो
  • 👨‍👩‍👧 आर्थिक रूप से कमज़ोर और पिछड़े वर्ग के परिवार ही पात्र हैं
  • 🏥 बालिका का जन्म सरकारी अस्पताल या जननी सुरक्षा योजना से जुड़े निजी अस्पताल में हुआ होना चाहिए

📝 आवेदन कैसे करें?

बेटी के जन्म के बाद, नीचे दिए गए तरीके से आवेदन किया जा सकता है:

  1. बर्थ सर्टिफिकेट, माता-पिता का ID प्रूफ, बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज़ तैयार रखें
  2. नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या महिला एवं बाल विकास विभाग के दफ्तर में जाएं
  3. फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज़ जमा करें
  4. ऑनलाइन आवेदन – 🌐 Official Website (आधिकारिक वेबसाइट)
  5. महिला सशक्तिकरण विभाग, राजस्थान सरकार – आधिकारिक पोर्टल

📂 जरूरी दस्तावेज़

  • ✅ बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
  • ✅ माता-पिता का आधार कार्ड
  • ✅ बैंक पासबुक (बेटी या माता के नाम पर)
  • ✅ निवास प्रमाण पत्र
  • ✅ आय प्रमाण पत्र
  • ✅ अस्पताल का पंजीकरण प्रमाण (जहां जन्म हुआ)

🎯 योजना के फायदे

  • 👧 बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई तक लगातार मदद
  • 🏫 पढ़ाई बीच में न छूटे, इसका पूरा ख्याल
  • 💰 परिवार पर आर्थिक बोझ कम
  • 🙅‍♀️ बाल विवाह और भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं में कमी
  • 🌸 बेटियों को आत्मनिर्भर बनने में सहयोग

🔚 निष्कर्ष

राजस्थान की लाडो प्रोत्साहन योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि समाज में बदलाव की एक मजबूत पहल है। यह बेटियों को सिर्फ आर्थिक मदद नहीं देती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी दिखाती है।

अगर आपके घर में बेटी का जन्म हुआ है और आप इस योजना की पात्रता रखते हैं, तो इसका लाभ जरूर उठाएं। यह योजना बेटी के भविष्य की नींव को और मजबूत बनाती है।

📢 इस जानकारी को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाएं ताकि हर बेटी को उसका हक मिल सके!

📌 लाड़ो प्रोत्साहन योजना: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

❓1. लाड़ो प्रोत्साहन योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

उत्तर: राजस्थान राज्य के वे माता-पिता या अभिभावक जिनके घर गरीबी रेखा से नीचे (BPL) वर्ग में एक बेटी का जन्म हुआ है, वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।


❓2. इस योजना के तहत कुल कितनी राशि मिलती है?

उत्तर: योजना के तहत कुल ₹1,50,000 की आर्थिक मदद सात किस्तों में दी जाती है।


❓3. क्या पहली किस्त के लिए कोई आवेदन फॉर्म भरना होता है?

उत्तर: नहीं, पहली किस्त (बेटी के जन्म पर) योग्य संस्थान में जन्म रजिस्ट्रेशन के बाद स्वचालित रूप से जारी होती है। कोई अलग आवेदन फॉर्म जरूरी नहीं होता।


❓4. क्या यह योजना घर पर जन्मी बेटियों के लिए भी उपलब्ध है?

उत्तर: नहीं, यह योजना सिर्फ उन्हीं बेटियों के लिए है जिनका जन्म सरकारी या सरकारी-मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों/संस्थानों में हुआ हो।


❓5. अगर कोई किस्त छूट जाए तो क्या योजना का लाभ आगे भी मिलेगा?

उत्तर: हां, यदि किसी वजह से कोई किस्त नहीं ली जा सकी, तो उचित कारण बताने पर अगली किस्तें मिल सकती हैं। योजना से पूरी तरह बाहर नहीं किया जाएगा।


❓6. अंतिम किस्त किसे दी जाती है?

उत्तर: अंतिम और सबसे बड़ी किस्त ₹1,00,000 तब दी जाती है जब बेटी ग्रेजुएशन पूरी करती है और 21 साल की हो जाती है। यह राशि बेटी के बैंक खाते में सीधे DBT से ट्रांसफर की जाती है।


❓7. स्कूल स्तर की किस्तों के लिए कौन से स्कूल मान्य हैं?

उत्तर: केवल सरकारी या सरकारी-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में दाखिला लेने पर ही संबंधित किस्तें दी जाएंगी।


❓8. क्या प्राइवेट स्कूल की छात्राएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं?

उत्तर: हां, सरकारी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियां भी इस योजना के लिए पात्र हैं।


❓9. योजना की मॉनिटरिंग कैसे की जाती है?

उत्तर: योजना की निगरानी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाती है और सभी भुगतान DBT (Direct Benefit Transfer) से किए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।


❓10. अगर बेटी ग्रेजुएशन नहीं करती है तो क्या होगा?

उत्तर: ऐसी स्थिति में अंतिम किस्त (₹1 लाख) नहीं दी जाएगी। लेकिन पहले की किस्तों पर इसका कोई असर नहीं होगा।


❓11. राज्य स्तर पर इस योजना की निगरानी कौन करता है?

उत्तर: योजना की निगरानी महिला सशक्तिकरण विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा की जाती है।


❓12. इस योजना की समीक्षा कितनी बार की जाती है?

उत्तर: योजना की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाती है ताकि उसके कार्यान्वयन और प्रभाव को बेहतर बनाया जा सके।

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